योगा आपको ध्यान केंद्रित करने, सकारात्मक और जीवंत बनाए रखने में मदद करता है। यदि योगा का संपूर्ण लाभ लेना हो तो कुछ गलतियों से बचें।
* खाना खाने के बाद योगा खतरनाक :
भरे पेट के साथ योगा करना कई सारी समस्याओं का कारण बनता है। खाने और योगा की प्रैक्टिस के बीच दो घंटे का अंतराल होना चाहिए।
* टाइट कपड़े न पहनें :
ठीक से सांस लेने और पसीना बेहतर तरीके से बाहर निकल पाए उसके लिए आरामदायक और लूज फिटिंग वाले कपड़े पहनकर योगा करें। शूज भी बहुत टाइट या लूज ना हो।
* जब कॉर्डियक प्रॉब्लम हो :
कॉर्डियक या हाइपरटेंशन जैसी कोई भी समस्या है तो बिना सही ट्रेनर के योगा करना उचित नहीं है। अगर घर पर योगा कर रहे हैं तो फॉर्वर्ड बेंडिंग और ऐसी मुद्राएं करने से बचें, जिसमें शरीर को पीछे की ओर मोड़ना पड़े।
*मेंस्ट्रूएशन के दौरान न करें सारी मुद्राएं :
मेंस्ट्रूएशन के दौरान महिलाओं को सूर्य नमस्कार और शरीर को पीछे की ओर मोड़कर करने वाली मुद्राएं नहीं करनी चाहिए। ऐसे में पेट की मांसपेशियों पर दबाव न डाले।।
* वॉर्मअप जरूरी :
योगा करने से पहले 10 मिनट की वॉर्मअप या स्ट्रेचिंग एक्सरसाइज करें। व्यायाम के बाद भी 10 मिनट तक आराम के साथ शवासन करें। इससे सांस लेने की क्षमता बढ़ती है और ध्यान केंद्रित करने की भी।
* दर्द में न करें प्रैक्टिस :
किसी भी एक्सरसाइज के दौरान झटके लगना, दर्द या असहजता होने पर उसे रोकना बेहतर होगा। ऐसे में किसी फिजियोथैरेपिस्ट या डॉक्टर की सलाह लें।
झटके से की जाने वाली मुद्राएं इंजुरी का कारण भी बन सकती है। इससे मांसपेशियों में खिंचाव होने का भी खतरा रहता है।
* खाना खाने के बाद योगा खतरनाक :
भरे पेट के साथ योगा करना कई सारी समस्याओं का कारण बनता है। खाने और योगा की प्रैक्टिस के बीच दो घंटे का अंतराल होना चाहिए।
* टाइट कपड़े न पहनें :
ठीक से सांस लेने और पसीना बेहतर तरीके से बाहर निकल पाए उसके लिए आरामदायक और लूज फिटिंग वाले कपड़े पहनकर योगा करें। शूज भी बहुत टाइट या लूज ना हो।
* जब कॉर्डियक प्रॉब्लम हो :
कॉर्डियक या हाइपरटेंशन जैसी कोई भी समस्या है तो बिना सही ट्रेनर के योगा करना उचित नहीं है। अगर घर पर योगा कर रहे हैं तो फॉर्वर्ड बेंडिंग और ऐसी मुद्राएं करने से बचें, जिसमें शरीर को पीछे की ओर मोड़ना पड़े।
*मेंस्ट्रूएशन के दौरान न करें सारी मुद्राएं :
मेंस्ट्रूएशन के दौरान महिलाओं को सूर्य नमस्कार और शरीर को पीछे की ओर मोड़कर करने वाली मुद्राएं नहीं करनी चाहिए। ऐसे में पेट की मांसपेशियों पर दबाव न डाले।।
* वॉर्मअप जरूरी :
योगा करने से पहले 10 मिनट की वॉर्मअप या स्ट्रेचिंग एक्सरसाइज करें। व्यायाम के बाद भी 10 मिनट तक आराम के साथ शवासन करें। इससे सांस लेने की क्षमता बढ़ती है और ध्यान केंद्रित करने की भी।
* दर्द में न करें प्रैक्टिस :
किसी भी एक्सरसाइज के दौरान झटके लगना, दर्द या असहजता होने पर उसे रोकना बेहतर होगा। ऐसे में किसी फिजियोथैरेपिस्ट या डॉक्टर की सलाह लें।
झटके से की जाने वाली मुद्राएं इंजुरी का कारण भी बन सकती है। इससे मांसपेशियों में खिंचाव होने का भी खतरा रहता है।
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जवाब देंहटाएंHealth World in Hindi
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