सोमवार, 6 मई 2013

गुस्से को कहिए बाय-बाय


क्रोध पलभर का होता है लेकिन इसमें मरने, मारने तक जैसी बातें मन में घर लेती है। जिसके नुकसान का आकलन शायद गुस्से की मियाद पूरी होने के बाद ही होता है। यही वजह है कि क्रोध को नियंत्रण करना जरूरी है। हालांकि वैज्ञानिकों का कहना है कि गुस्सा आना स्वाभाविक है, लेकिन इसमें आपा खोना नुकसानदायक है। गुस्सा न सिर्फ सेहत को बिगाड़ता है, यह बने-बनाए रिश्तों को भी आसानी से तोड़ देता है। इसलिए जरूरी है गुस्से पर काबू पाना, जिसके लिए कुछ टिप्स आजमाई जा सकती हैं...।

  • क्रोध आने वाले कारणों को खोजिए। जिन कामों से आपको परेशानी होती है उन्हें छोड़िए, जिसकी वजह से आप अपने गुस्से में इजाफा करते हैं ।
  • जब आपको ज्यादा गुस्सा आए तो रिवर्स काउंटिंग करते हुए एक ग्लास पानी पीएं, गुस्सा भगाने में इसे काफी असरकारक माना जाता है।
  • गुस्से की स्थिति में हर कोई अपनी भड़ास निकालता है, मगर उस दौरान संभलने की जरूरत है और उतना ही कहें जितना सामने वाला समझ सकें। 
  • कुछ भी बोलने से पहले दो बार सोचें, गुस्से में व्यक्ति अपनी सुधबुध खो बैठता है। 
  • अपनी इच्छा को प्रबल करें और दृढ़ निश्चय लें कि कुछ भी करके गुस्से पर नियंत्रण रखेंगे। 
  • गुस्से के समय परिस्थितियों को समझना बहुत जरूरी है। 
  • लोगों को माफ करने या माफी मांगने की आदत डालें। 
  • कई बार दोस्तों और पारिवारिक सदस्यों के बीच गलतफहमियों के चलते टकराव की स्थितियां उभर आती हैं। ऐसे में ठंडे दिमाग से सोचें और बातचीत कर गिले-शिकवे दूर करें। 
  • अपना ध्यान कहीं ओर बंटाए, इससे गुस्सा काफी हद तक दूर हो जाएगा 
  • गुस्से में कुछ गलत कदम उठाने के परिणाम बाद में घर वालों को भुगतने पड़ेंगे, यह सोचकर क्रोध को नियंत्रित करें। 
  • ध्यान, योग करें, गहरी सांसें लें ताकि क्रोध की तीव्रता कम हो सके। 
  • खुद को उन कामों में व्यस्त करें जो आपको खुशी देते हैं और उन लोगों के बीच हमेशा रहिए, जो आपको पॉजीटिव बातों के जरिए जीवन जीने की कला सिखाते हों। 

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