रविवार, 29 सितंबर 2013

अच्छी खबर: भारतीय कवि ने जीता आयरलैंड का पुरस्कार

देश में राजनीति के शर्मसार करने वाले हालातों के बीच विदेश से एक अच्छी खबर आई है। भारतीय मूल के अमेरिकी कवि
रफीक कथवाड़ी को 41वें प्रसिद्ध पैट्रिक कावानाग पोएट्री पुरस्कार के लिए चुना गया है। वह यह पुरस्कार पाने वाले पहले गैर आयरिश व्यक्ति हैं। कश्मीर से ताल्लुक रखने वाले रफीक की 20 अप्रकाशित कविताओं के पहले संग्रह  'इन अनदर कंट्री" को पैट्रिक पोएट्री अवार्ड के लिए चुना गया। इस पुरस्कार के दुनियाभर से 112 दावेदार थे। ये कविताएं अंग्रेजी में लिखी गई हैं। इस पुरस्कार के लिए आमतौर से आयरलैंड में जन्मे, यहां की नागरिकता वाले या लंबे समय से आयरलैंड में रह रहे कवियों को प्राथमिकता दी जाती रही है। कथवाड़ी पहले गैर आयरिश कवि हैं जिन्हें इस पुरस्कार के लिए चुना गया। उन्हें पुरस्कार के रूप में एक हजार यूरो (84495 रुपये) की राशि दी जाएगी। पुरस्कार की घोषणा के बाद कथवाड़ी ने कहा, यह पुरस्कार आयरलैंड की नए बहुसंस्कृतिवाद की छवि को दर्शाता है। ज्यादातर न्यूयॉर्क और श्रीनगर में अपना समय बिताने वाले कथवाड़ी पिछले तीस साल से कविताएं लिख रहे हैं। उन्होंने इकबाल की उर्दू कविताओं को नया दृष्टिकोण देते हुए अनुवाद किया है।   

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