आइएएनएस : महिलाओं के डिप्रेश्ान (अवसाद) संबंधी बीमारियों से ग्र्रस्त होने की आश्ांका ज्यादा होती है। हालिया श्ाोध के मुताबिक, पुरुषों के मुकाबले महिलाओं के मस्तिष्क में हार्मोन एस्ट्रोजन अधिक पहुंचता है जिससे उनमें अवसाद व चिड़चिड़ापन ज्यादा रहता है। ये समस्याएं युवावस्था की श्ाुरुआत से ही सामने आने लगती हैं। यूनिवर्सिटी ऑफ पेंसिलवेनिया के श्ाोधकर्ता थियोडोर के मुताबिक, इस श्ाोध के नतीजे किश्ाोरावस्था की श्ाुरुआत में चिड़चिड़ेपन, व्याग्रता और सीजोफ्रेनिया जैसे मनोविकारों को समझ्ाने में सहायता मिलेगी। आमतौर पर महिलाओं में चिंता और अवसाद की दिक्कत ज्यादा रहती है तो पुरुषों में सीजोफ्रेनिया की आश्ांका अधिक रहती है। श्ाोधकर्ताओं ने आठ से 22 वर्ष की आयुवर्ग के 922 प्रतिभागियों के मस्तिष्क में रक्त के प्रवाह के स्तर में बढ़ोतरी को समझ्ाने के लिए मैग्नेटिक रीजोनेंस इमेजिंग (एमआरआइ) का इस्तेमाल किया गया। थियोरोड ने पाया कि महिलाओं में भावनाओं व सामाजिक दबाव को नियंत्रित करने के दौरान मस्तिष्क में रक्त का प्रवाह बढ़ जाता है और जिस भाग में रक्त का प्रवाह बढ़ता है वह बौद्धिक गतिविधियों से संबंधित है। यह श्ाोध जर्नल नेश्ानल एकेडमी ऑफ साइंसेज में प्रकाश्ाित हुआ है।
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