एजेंसी : ऐसे लोग जो रात में खाने के लिए उठते हैं वे इसके लिए अपने जीन को जिम्मेदार ठहरा सकते हैं।
एक नए अनुसंधान से इस निष्कषर््ा पर पहुंचा गया है कि नाइट इटिंग सिंड्रोम उस समय हो सकता है जब जीन के चलते खाने के पैटर्न के साथ्ा नींद की दोष्ापूणर््ा तालमेल बैठता है। इससे खाने का समय बदल जाता है जो अधिक खाने और वजन बढ़ने से जुड़ा हुआ है। करीब एक से दो फीसद लोग इससे जूझ्ाते हैं। इसका लक्षण्ा रात में सोने के दौरान उठ जाना और बगैर कुछ खाए सो नहीं पाना। यह अध्ययन सेल रिपोर्ट्स में प्रकाश्ाित की गई है।
एक नए अनुसंधान से इस निष्कषर््ा पर पहुंचा गया है कि नाइट इटिंग सिंड्रोम उस समय हो सकता है जब जीन के चलते खाने के पैटर्न के साथ्ा नींद की दोष्ापूणर््ा तालमेल बैठता है। इससे खाने का समय बदल जाता है जो अधिक खाने और वजन बढ़ने से जुड़ा हुआ है। करीब एक से दो फीसद लोग इससे जूझ्ाते हैं। इसका लक्षण्ा रात में सोने के दौरान उठ जाना और बगैर कुछ खाए सो नहीं पाना। यह अध्ययन सेल रिपोर्ट्स में प्रकाश्ाित की गई है।
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