सोमवार, 24 मार्च 2014

महिलाओं में तनाव से बांझ्ापन का दोगुना खतरा

प्रेट्र : वैज्ञानिकों ने आगाह किया है कि महिलाओं में तनाव से गर्भावस्थ्ाा में विलंब और बांझ्ापन का खतरा दोगुना हो सकता है। श्ाोधकर्ताओं ने पाया कि ऐसी महिलाएं, जिनके लार में तनाव बॉयोमार्कर के उच्चतम स्तर पाए जाते हैं वे दूसरी महिलाओं की तुलना में गर्भवती होने में अधिक समस्याओं से जूझ्ाती हैं। यह श्ाोध ओहियो स्टेट यूनिवर्सिटी वेक्सनेर मेडिकल सेंटर में रिप्रोडक्टीव एपडेमीओलॉजी के निदेश्ाक कोर्टनी डेनिंग-जॉनसन लिंच और उनके सहयोगियों के पूर्व के अध्ययन का विस्तार है। इसमें उन्होंने ब्रिटेन में उच्चतम तनाव और गर्भावस्थ्ाा की कम संभावना के बीच संबंध स्थ्ाापित किया थ्ाा। इस नए श्ाोध में पता चला कि महिलाओं में उच्च स्तर का अल्फा-ऐमलेस (लार में मापा गया तनाव का जैविक सूचक) 29 फीसद पाए जाने पर उनके गर्भवती होने की संभावना कम है। श्ाोध में यह भी बताया गया है कि इनमें उन महिलाओं की तुलना में बांझ्ापन के दोगुने खतरे की आश्ांका रहती है जिनमें इस प्रोटीन इन्जाइम का स्तर कम पाया जाता है। श्ाोधकर्ताओं ने अपने श्ाोध में 18 से 40 वषर््ा उम्र की 501 अमेरिकी महिलाओं पर अध्ययन किया।

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