बुधवार, 19 मार्च 2014

असली की तरह काम करता है कृत्रिम हृदय

प्रेट्र : वैज्ञानिकों ने ऐसा ऊतक तैयार किया है जो प्राकृतिक हृदय की मांसपेश्ाियों की तरह काम करता है। यह ऊतक न केवल प्रयोगश्ााला की डिश्ा पर धड़कता है, बल्कि पश्ाुओं में लगाने पर भी बखूबी काम करता है। दिल का दौरा पड़ने जैसी घ्ाटनाओं के दौरान जब हृदय को नुकसान पहुंचता है तो इसका कोई आसान इलाज उपलब्ध नहीं है। वर्तमान में हृदय को बड़े पैमाने पर नुकसान पहुंचने पर मरीज के लिए इसका प्रत्यारोपण्ा कराना ही सबसे अच्छा इलाज माना जाता है। दान किए हृदय की तुलना में इसका प्रत्यारोपण्ा कराने वाले मरीजों की संख्या बहुत अधिक है। मरीज को नया हृदय मिल जाने के बाद भी उसे परेश्ाानी हो सकती है। ब्रिघ्ाम एंड वीमेंस हॉस्पिटल और बोस्टन के हार्वर्ड मेडिकल स्कूल तथ्ाा ऑस्ट्रेलिया की यूनिवर्सिटी ऑफ सिडनी के श्ाोधकर्ताओं ने ऐसा कृत्रिम ऊतक तैयार किया है जिसका यांत्रिक और जैविक गुण्ा हृदय जैसा ही है। हार्वर्ड मेडिकल स्कूल के अली खादेमहोसिनी ने बताया, 'हमारे द्वारा तैयार ऊतक कोश्ािकाओं के ढेर से कहीं ज्यादा है। इसकी संरचना बहुत संगठित है।" कृत्रिम रूप से तैयार हृदय संबंधी ऊतक की चुनौतियों का सामना करने के लिए खादेमहोसिनी और उनके साथ्ाी प्राकृतिक प्रोटीन के साथ्ा काम कर रहे हैं जो कि जिलेटिन जैसे पदाथर््ा हाइड्रोजेल का निर्माण्ा करते हैं। वे नरम होते हैं और बहुत से मानव ऊतकों की तरह उनमें बहुत पानी होता है। खादेमहोसिनी की टीम ने पाया कि वे हाइड्रोजेल को उन रासायनिक, जैविक, यांत्रिक और विद्युतीय गुण्ाों के अनुकूल बना लेंगे जिन्हें वे श्ारीर के विभिन्न् ऊतकों की फिर से उत्पत्ति के लिए चाहते हैं।

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